हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिर

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हिमाचल प्रदेश को केवल सेब के राज्य के रूप में ना केवल बगीचों के लिए जाना जाता है! बल्कि इसे देवताओ की भूमि भी कहा जाता है, क्योकि हिमाचल में प्रसिद्ध देवी देवताओ के मंदिर हर जिले में विद्यमान है ! इन प्रसिद्ध मंदिरो के पीछे इनका रंगीन इतिहास और अनेको कहानिया मौजूद है !

हिमाचल प्रदेश भारत में एक ऐसा राज्य है जिसे देवी देवता भी प्यार करते है ! इसलिए वजह से तो हिमाचल में अनेको मंदिर स्थापित है ! जो बहुत शक्तिशाली है ! और इसलिए तो हर साल इनका दर्शन करने लाखो श्रद्धालु देश विदेश से हिमाचल प्रदेश में आते है !

हिमाचल प्रदेश के 20 मुख्य प्रसिद्ध मंदिर

  1. जाखू मंदिर
  2. काली बाड़ी मंदिर
  3. संकट मोचन मंदिर
  4. तारा देवी मंदिर
  5. भीमा काली मंदिर
  6. चामुंडा देवी मंदिर
  7. हिडिम्बा देवी मंदिर
  8. नैना देवी मंदिर
  9. ज्वाला जी मंदिर
  10. वशिष्ट मंदिर
  11. चिंतपूर्णी मंदिर
  12. भूत नाथ मंदिर
  13. माँ शर्वरी मंदिर
  14. व्यास गुफा
  15. बाबा बालकनाथ मंदिर
  16. नर्वदेश्वर मंदिर
  17. हाटेश्वरी माता मंदिर
  18. शिरगुल महाराज देवता मंदिर
  19. बमराड़ा नाग देवता मंदिर
  20. हाटु माता मंदिर
1 जाखू प्रसिद्ध मंदिर
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जाखू मंदिर

जाखू मंदिर हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में ऊंचाई पर देवदार के घने जगलों के बीच स्थित है ! यह एक प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर है , और यह समुन्दर तल से लगभग 8054 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित एक हनुमान मंदिर है ! ऐसा विश्वास किया जाता है की इस मंदिर का निर्माण एक ऋषि के द्वारा किया गया था !

प्राचीन वक्ताओ के अनुसार ऐसा माना जाता है की जब भगवान लक्ष्मण युद्ध में मूर्छित हो गए थे, तो उन्हें ठीक अवस्था में लाने के लिए भगवान हनुमान संजीवनी जड़ी बूटी को विभिन स्थानों में ढूंढ रहे थे ! और जाखू उन में से एक है! जहा भगवान हनुमान ने संजीवनी ढूंढ़ने की कोशिश की थी ! इसलिए ये मंदिर भी एक लोकप्रिय मंदिर है ! इस मंदिर के नज़दीक नव निर्मित हनुमान भगवान की 108 फ़ीट ऊचा स्टेचू बनवाया गया है, जो देखने योग्य है ! यहाँ शिमला जिले के लोग ही दर्शन करने नहीं आते है बल्कि जो भी बाहर से पर्यटक हिमाचल में पर्यटन करने के लिए आते है! वह भी इस लोकप्रिय मंदिर के दर्शन करने जरूर जाते है !

  • जाखू मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय -: सुबह 6 बजे से 12 बजे और फिर शाम 4 बजे से 8 बजे तक दर्शन कर सकते है !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये -: जाखू मंदिर के लिए आप शिमला मॉल रोड चर्च के पास से पैदल जा सकते है, दुरी मंदिर तक लगभग 40 मिनट !
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2 काली बाड़ी प्रसिद्ध मंदिर
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काली बाड़ी मंदिर

काली बाड़ी मंदिर का निर्माण 1845 ईस्वी में किया गया था ! यह देवी काली का मंदिर है ! और यह मंदिर पर्यटन के लिए शिमला आने वाले पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है ! इस धार्मिक स्थान में लोग दूर दूर से दर्शन करने आते है! ये मंदिर देवदार के पेड़ो के बीच घिरा हुआ है ! इसलिए इस मंदिर का यह अद्भुत नज़ारा और यहाँ मागे जाने वाली मन्नतो का पूरा होना इस मंदिर का मुख्य आकर्षण है ! इसलिए यहाँ पर जो भी पर्यटक साल भर में शिमला की यात्रा करने आते है! वह इस देवी काली के मंदिर यानि काली बाड़ी के दर्शन जरूर करते है !

  • काली बाड़ी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: शिमला मॉल रोड से पैदल 15 मिनट का रास्ता है !
3 संकट मोचन प्रसिद्ध मंदिर
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संकट मोचन

संकट मोचन का निर्माण 1962 में शुरू हुआ और जुलाई 1966 में यह लोगो के दर्शन करने के लिए तैयार किया गया ! यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के शांत वातावरण और हरियाली से युक्त जगह पर स्थित है ! शुरुआत में यह मंदिर छोटा था ! लेकिन दिन प्रतिदिन भक्तो की भारी बीड़ की वजह से मंदिर ने आज ये मक़ाम हासिल कर लिया है , की आज यह मंदिर लगभग 18 बीघे की भूमि में फैला हुआ है ! और आज इस मंदिर में भगवान हनुमान के इलावा , भगवान शिव और भगवान राम की मुर्तिया भी अलग अलग जगह स्थित है !

यह शिमला जिले के महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थानों में से एक है! और काली बाड़ी मंदिर के बाद तीसरा सबसे लोकप्रिय मंदिर है ! यहाँ आप लगर भोज का आनंद भी ले सकते है! जो यहाँ पर हर रविवार को लगता है ! संकट मोचन मंदिर के भवन में शादी तथा अन्य पवित्र अनुष्ठान का आयोजन भी किया जा सकता है ! यहाँ पर एक आयुर्वेदिक क्लिनिक भी है जहा विभिन बीमारियों की दवाइया उपलबध है ! और यहाँ बच्चो के मौज़ के लिए एक छोटा पार्क भी मौजूद है ! हम सभी को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की हलचल से थोड़ा सा वक्त धार्मिक जगह पर दर्शन करने के लिए भी निकालना चाहिए ! और संकट मोचन इसके लिए सबसे अच्छे धार्मिक स्थानों में से एक है ! यहाँ पर श्रधालुओ की भारी बीड़ लगी होती है !

  • संकट मोचन मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: गर्मिओ में सुबह 7 से 8 बजे तक और सर्दियों में 7 से शाम 6 बजे तक खुला रहता है !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: संकट मोचन मंदिर शिमला ओल्ड बस स्टैंड से 6 .4 किलोमीटर दूर स्थित है ! लोकल बस /टेक्सी में जा सकते है !
4 तारा देवी प्रसिद्ध मंदिर
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तारा देवी मंदिर

तारा देवी मंदिर शिमला में सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक है ! जो समुन्दर तल से लगभग 1851 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है ! यह मंदिर शिमला शहर से 11 किलोमीटर दूर स्थित है ! तारा देवी मंदिर का इतिहास लगभग 200 साल पुराना है ! इस मंदिर को सेन वंश के राजाओ द्वारा 1766 के आस पास बनवाया गया था ! तारा देवी मंदिर शोघी के पास कालका शिमला राजमार्ग के पास स्थित है !

तारा देवी मंदिर में जाने का सबसे अच्छा समय नवरात्रो के बीच होता है ! नवरात्रो में भारी सख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते है ! इसके इलावा बाकी समय में माता के दरबार में जियादा बीड़ नहीं होती है ! इसलिए श्रद्धालु साल में कभी भी दर्शन कर सकते है !

  • तारा देवी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: साल के 12 महीनो में कभी भी दर्शन कर सकते हो परन्तु सबसे अच्छा समय नवरात्रो के बीच होता है ! सुबह 6 बजे से 8 बजे तक !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: चंडीगढ़ से शिमला आने वाली बस ले और फिर तारा देवी में उतर जाओ वही पास में तारा देवी मंदिर है दुरी 115 किलोमीटर है ! और शिमला से तारा देवी मंदिर 5 किलोमीटर दूर है !
5 भीमा काली प्रसिद्ध मंदिर
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भीमा काली मंदिर

यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के सराहन में समुन्दर तल से 7589 फ़ीट की ऊंचाई पर शिमला से लगभग 159 किलोमीटर दूर स्थित है ! भीमा काली मंदिर पूरी तरह से लकड़ी का बनाया गया है ! और मंदिर के अंदर और बाहरी हिसे में लकड़ी की चित्रकारी की गई है ! जो श्रद्धालुओं को अपनी और आकर्षित करती है ! सराहन को किन्नौर के द्वार के रूप में जाना जाता है ! पौराणिक कथा के अनुसार ऐसा विश्वास किया जाता है की यहाँ देवी प्रकट हुई थी !

और उस देवी का कान यहाँ पर गिरा था ! जिससे यह स्थान धार्मिक स्थल बन गया ! इसलिए उसके बाद यहाँ मंदिर बनवाया गया और पूजा शुरू की गई! यह मंदिर 51 शक्तिपीठो में से एक है ! भीमा काली मंदिर के परिसर में लंकरा बीर , रघुनाथ जी और नरसिंग जी के मंदिर भी स्थित है ! ऐसा माना जाता है की सराहन में शिव भगवान किरात के रूप में प्रकट होते थे ! और शिव भगवान के प्रबल भक्त बाढ़ा सुर , पुराण युग के दौरान महान अभिमानी दानव राजा बलि और विष्णु मतदाता प्रलाद के महान पोत्र के सौ पुत्रो में से एक थे ! और वे इस रियासत के शासक थे ! उस समय से ही यह धार्मिक स्थान था ! अन्तः यहाँ हर साल भारी मात्रा में श्रद्धालु दर्शन करने आते है ! यहाँ से किन्नौर की ऊँची चोटियों का दृश्य भी दिखाई देती है ! श्रद्धालु कभी भी दर्शन कर सकते है !

  • भीमा काली मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: मार्च से दिसंबर तक सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: शिमला से सराहन के लिए बस ले सकते हो दुरी 159 किलोमीटर है !
6 चामुंडा देवी मंदिर
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चामुंडा देवी मंदिर

चामुंडा देवी मंदिर समुन्दर तल से 1000 मीटर की ऊंचाई पर और धर्मशाला से 15 किलोमीटर और पालमपुर से 10 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ! यह माँ दुर्गा के अनेको रूपों में से एक है ! चामुंडा देवी को शराब के प्रसाद के साथ पशु बलि द्वारा पूजा जाता है ! ऐसा माना जाता है की 400 साल पहले पुजारी और काँगड़ा के राजा ने देवी से प्रार्थना की थी की वे मंदिर को किसी अन्य स्थान पर ले जाए ! और देवी ने उनकी प्रार्थना को स्वीकार कर लिया था ! देवी ने राजा को सपने में दर्शन दिए ! उस समय से चामुंडा देवी मंदिर सुलभ स्थान में स्थित है ! यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है !

  • चामुंडा देवी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: साल के 12 महीनो में कभी भी दर्शन कर सकते है !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: चंडीगढ़ से धर्मशाला की बस ले सकते है दुरी 243 किलोमीटर है ! और फिर वहा से टैक्सी ले लो! मंदिर के लिए दुरी लगभग 15 किलोमीटर है !
7 हिडिम्बा मंदिर
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हिडिम्बा मंदिर

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मनाली में हिडिम्बा देवी मंदिर सबसे प्रमुख मंदिरो में से एक है ! हिडिम्बा देवी भीम की पत्नी और घटोतकच की माँ है ! ऐसा विश्वास किया जाता है की यह देवी घाटियों में लोगो की रक्षा करती है ! हिडिम्बा देवी सर्वशक्तिमान है ! और इस मंदिर का इतिहास लगभग 500 साल पुराना है ! हिडिम्बा देवी मंदिर जगल से चारो और से घिरा हुआ है ! यह मंदिर पर्यटकों में भी काफी लोकप्रिय है ! जो भी पर्यटक कुल्लू मनाली घूमने आते है वे भी जरूर हिडिम्बा देवी के दर्शन करते है !

  • हिडिम्बा देवी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: मार्च से दिसंबर !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: चंडीगढ़ , दिल्ली से मनाली के लिए बस ले सकते है और नज़दीकी हवाई अड्डा भुंतर है ! और मनाली से टैक्सी ले सकते है ! दुरी लगभग 3 किलोमीटर है !
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8 नैना देवी प्रसिद्ध मंदिर
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नैना देवी मंदिर

यह मंदिर हिमाचल के बिलासपुर जिले में पहाड़ियों की चोटी पर समुन्दर तल से लगभग 1219 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है ! ये हिमाचल के प्रसिद्ध मंदिरो में से एक है ! पौराणिक कथा के अनुसार देवी सती ने खुद को यज्ञ में जीवित जला लिया , जिससे भगवान शिव प्रचंड हो गए और उन्होने देवी सती की लाश को कंधे में उठा लिया और तांडव नृत्य करने लगे ! ये देख कर सवर्ग के देवता डर गए क्योकि प्रलय हो सकता था ! और फिर भगवान विष्णु ने चक्र से देवी सती के शरीर को 51 टुकड़ो में काट दिया ! और फिर भगवान शिव शांत हो गए ! इसलिए श्री नैना देवी मंदिर उस स्थान पर बना हुआ है जहा पर देवी सती के नेत्र गिरे थे !

यह देवी मंदिर 8 वी शताब्दी में राजा बीर चंद द्वारा बनवाया गया था ! इस मंदिर में श्रदालुओ की दर्शन करने के लिए भारी बीड़ रहती है ! ऐसा माना जाता है की इस मंदिर से कोई भी आज तक खाली हाथ नहीं गया है ! जो मनत यहाँ मांगी जाती है! वह पूरी हो जाती है !

  • श्री नैना देवी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: साल के 12 महीनो में कभी भी दर्शन कर सकते है ! सुबह 6 से 8 बजे तक !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: बिलासपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित है !
9 ज्वाला जी प्रसिद्ध मंदिर
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ज्वाला जी मंदिर

ज्वाला जी मंदिर देवी दुर्गा के सबसे लोकप्रिय मंदिरो में से एक है ! इसी कारण वंश ये 51 शक्ति पीठो में से एक है ! इस भव्य मंदिर का निर्माण देवी दुर्गा के प्रिय रहे भगत काँगड़ा के राजा भूमि चंद कटोच द्वारा किया गया था ! क्योकि उन्होंने इस स्थान को रात को सपने में देखा था और फिर उन्होंने अपनी जनता को इस जगह पर मंदिर बनाने के लिए बोला ! यहाँ पर मंदिर का निर्माण की एक और वजह भी थी ! वह यह थी की देवी सती की जीभ यहाँ गिरी थी ! इसकी वजह से यहाँ आग की लपटे निकली जो आज तक लगातार निकल रही है ! इसलिए भी यहाँ पर मंदिर बनाया गया !

ज्वाला जी मंदिर में कई वैज्ञानिक भी आए वे भी इन लपटों के सोर्स का पता नहीं लगा पाए ! ये आग की लपटे चटान की दरारों से निकलती है !इस मंदिर ने साइंस को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है ! ज्वाला देवी मंदिर बहुत शक्तिशाली है ! मुग़ल बादशाह अकबर ने इन लपटों को बुझाने की कोशिश की थी लेकिन वह असफल रहा और फिर उसका देवी पर विश्वास बड़ा और उसने ज्वाला माँ को सोने का छत्र भेट किया ! परन्तु माँ ज्वाला की निंदा करने पर उस छत्र को माँ ने किसी और धातु में तब्दील कर दिया जो आज भी वहा पर मौजूद है ! मंदिर में दूध , फल , नारियल और मीठे इलाचयी दानो का भोग देवी को चढ़ाया जाता है ! ज्वाला जी मंदिर में लाखो श्रद्धालु हर साल देश विदेश से दर्शन करने के लिए आते है !

  • ज्वाला जी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: साल के 12 महीनो में कभी भी दर्शन कर सकते है ! सुबह 6 से 8 बजे तक !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: काँगड़ा से लगभग 30 किलोमीटर दूर है !
10 वशिष्ठ मंदिर
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वशिष्ठ मंदिर

वशिष्ट मंदिर हिमाचल के मनाली में हॉट स्प्रिंग्स के लिए प्रसिद्ध है ! ऋषि गुरु वशिष्ट जो भगवान राम और लक्ष्मण के गुरु थे! ये वशिष्ट वंश का कभी गृह निवास स्थान हुआ करता था ! गुरु वशिष्ट इस जगह पर ध्यान लगाया करते थे ! तब से ही इस जगह को पवित्र माना जाता है ! यहाँ गर्म पानी के झरने है ! ऐसा विश्वास किया जाता है की इस पानी में नहाने से सारी बीमारिया दूर हो जाती है ! वशिष्ट मंदिर का निर्माण आज से लगभग 3000 साल पहले किया गया था ! जो भी पर्यटक मनाली घूमने आते है! वे भी जरूर इस मंदिर के दर्शन जरूर करते है !

  • वशिष्ठ मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: साल के 12 महीनो में कभी भी दर्शन कर सकते है ! सुबह 6 से 8 बजे तक !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: वशिष्ठ मंदिर मनाली से लगभग 3 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है !
11 चिंतपूर्णी प्रसिद्ध मंदिर
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चिंतपूर्णी मंदिर

चिंतपूर्णी मंदिर प्रदेश के ऊना जिले में स्थित है ! और ये मंदिर ऊना बस स्टैंड से लगभग 54 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ! जो छोटे शिवालिक में उतर और पूर्व में पश्चिमी हिमालय से घिरा है ! ऐसा माना जाता है! देवी सती का सिर इस जगह पर गिरा था ! और फिर यहाँ पर मंदिर बनाया गया ! ये पवित्र स्थान 51 शक्तिपीठो में से एक है ! यहाँ हर साल काफी श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है !

  • चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: साल के 12 महीनो में कभी भी जा सकते है ! सुबह 6 से 8 बजे तक !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: ऊना बस स्टैंड से लोकल बस /टेक्सी ले सकते है ,दुरी 54 किलोमीटर है !
12 भूतनाथ प्रसिद्ध मंदिर
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भूतनाथ मंदिर

भूतनाथ मंदिर हिमाचल के मंडी जिले में स्थित है ! ये हिमाचल के लोकप्रिय मंदिरो में से एक है ! भूतनाथ मंदिर का निर्माण कार्य सोलवी शदाब्दी में मंडी के प्रथम महान शासक राजा अजबर सेन द्वारा 1527 ईस्वी में किया गया था ! परन्तु इस मंदिर के प्रसिद्धि का एक कारण मंडी का अंतराष्ट्रीय शिव रात्रि मेला भी है! जो 7 दिनों के लिए मनाया जाता है ! इस शिवरात्रि मेले में देश विदेश से शिव श्रद्धालु आते है ! और मेले में भाग लेते है !

  • भूतनाथ मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: वैसे तो इस मंदिर में दर्शन 12 महीनो में कभी भी किया जाता है! लेकिन सबसे अच्छा समय शिवरात्रि मेले के दौरान है !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: मंडी से टेक्सी ले सकते है !
13 माँ शर्वरी प्रसिद्ध मंदिर
शिमला के दर्शनीय स्थल
माँ शर्वरी मंदिर

माँ शर्वरी मंदिर हिमाचल के मनाली में एक और प्रसिद्ध मंदिर है ! यह मंदिर बियास नदी के तट पर मनाली से लगभग 5 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ! माँ शर्वरी कुल्लू राजाओ के कुलिष्ट देवताओ में से एक है ! इस मंदिर को देखने का सबसे उत्तम समय दशेहरे के त्यौहार के दौरान होता है ! जब माँ शर्वरी की मूर्ति को अदभुद शोभा यात्रा में भगवान रघुनाथ जी से मिलाप के लिए कुल्लू लाया जाता है ! ये मंदिर श्रद्धालुओं के बीच काफी जियादा लोकप्रिय है !

  • शर्वरी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: साल के 12 महीनो में कभी भी दर्शन कर सकते है !
  • मंदिर कैसे पहुचा जाये-: मनाली से टैक्सी ले सकते है , सिर्फ 5 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ! सुबह 6:30 से दोपहर 12 बजे तक खुला होता है फिर 4 बजे से 8 बजे तक खुला होता है !
14 व्यास गुफा
हिमाचल के दर्शनीय स्थल
व्यास गुफा

व्यास गुफा हिमाचल के बिलासपुर जिले में 610 मीटर की ऊंचाई पर सतलुज नदी के तट पर स्थित है ! ऐसा विश्वास किया जाता है , की ऋषि व्यास ने कई वर्षो तक इस गुफा में ध्यान लगाया था ! संत व्यास जी ने प्रसिद्ध महाकाव्य महाभारत इस गुफा में लिखा था ! ये गुफा चारो और से देवदार और अन्य पेड़ो के जगलो से घिरी हुई है! इन गुफाओ के आस पास और आकर्षण के स्थान है ! उनमे से प्रमुख है कालापानी वसंत , गुंजी , काली मंदिर और बुधि आदि !

श्रद्धालु पहाड़ो की सेर का आनंद ले सकते है और ट्रेकिंग , हैंड ग्लाइडिंग और रॉक क्लाइम्बिंग आदि गतिविधियों में भाग ले सकते है ! व्यास गुफा हिमाचल के प्रसिद्ध मंदिरो में से एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है ! यहाँ काफी श्रद्धालु और पर्यटक हर साल दर्शन करने आते है !

  • व्यास गुफा में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: सितम्बर से मार्च तक अच्छा मौसम होता है !
  • गुफा में कैसे पहुचा जाये-: चंडीगढ़ और शिमला से बिलासपुर के लिए बस ले सकते है और फिर वहा से टैक्सी ले सकते है !
15 बाबा बालकनाथ मंदिर
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बाबा बालकनाथ मंदिर

बाबा बालक नाथ मंदिर हिमाचल के हमीरपुर जिले में स्थित है ! ये हमीरपुर शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर है ! सिद्ध बाबा बालकनाथ को कलयुग में अवतरित हुए दयालु (सभी पापो को क्षमा करने वाले ) भगवान के रूप में जाना जाता है ! सिद्ध बाबा बालक नाथ के बारे में यह विश्वास किया जाता है की वे हर युग में जन्म लेते है ! वह सत युग में “स्कन्द” के रूप में , त्रेता में “कोल ” और द्वापर में “महाकौल ” के रूप में प्रकट हुए थे ! ये मंदिर बहुत प्रसिद्ध है! ऐसा माना जाता है की इस मंदिर में वर्तमान जन्म के सारे पाप को बाबा बालकनाथ द्वारा माफ़ किया जाता है ! इसलिए इस वजह से मंदिर में बहुत श्रद्धालु दर्शन करने आते है !

  • बाबा बालकनाथ में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: अक्टूबर से मार्च तक !
  • मंदिर में कैसे पहुचा जाये-: चंडीगढ़ और शिमला से हमीरपुर बस में आ सकते है फिर वहा से लोकल बस /टेक्सी ले सकते है !
16 नर्वदेश्वर प्रसिद्ध मंदिर
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नर्वदेश्वर मंदिर

नर्वदेश्वर मंदिर हिमाचल के हमीरपुर जिले के टीरा सुजानपुर नामक स्थान में स्थित है ! इस मंदिर को राजा संसार चंद की पत्नी रानी प्रसना देवी द्वारा 1802 ईस्वी में बनवाया गया था ! इस मंदिर के परिसर में भगवान लक्ष्मीनारयण , देवी दुर्गा और भगवान गणेश के छोटे मंदिर भी शामिल है ! नर्वदेश्वर मंदिर में आकर्षण का मुख्य कारण अद्भुत अनोखे भीति चित्र और पेंटिंग्स है !

  • नर्वदेश्वर मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: सितम्बर से मार्च तक !
  • मंदिर में कैसे पहुचा जाये-: हमीरपुर से टैक्सी ले सकते है दुरी लगभग 30 किलोमीटर है !
17 हाटेश्वरी माता प्रसिद्ध मंदिर
हिमाचल के प्रसिद्ध मन्दिर
हाटेश्वरी माता मंदिर

हाटेश्वरी माता मंदिर हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के हाटकोटी में स्थित है ! पौराणिक कथा के अनुसार ऐसा माना जाता है की इस मंदिर का निर्माण पाडवो द्वारा किया गया था ! उन्होंने अपने निर्वासन के दौरान हाटकोटी में काफी समय बिताया था !

हाटकोटी का हाटेश्वरी मंदिर हमेशा से ही श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा है ! इस मंदिर का 1885 में जुब्बल के महाराणा पदम् चंद्रा द्वारा मरमत का कार्य किया गया ! और इस मंदिर को नई छत दी गई ! यह मंदिर पब्बर नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है ! यहाँ बहुत श्रद्धालु दर्शन करने आते है ! यहाँ ठहरने का भी उचित प्रबंध है !

  • हाटेश्वरी मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: साल के 12 महीनो में कभी भी दर्शन कर सकते हो जियादा तर श्रद्धालु नवरात्रो के बीच दर्शन करने आते है !
  • मंदिर में कैसे पहुचा जाये-: शिमला से रोहरु जाने वाली बस ले लो फिर हाटकोटी कैंची में उतर जाओ दुरी 104 किलोमीटर है और हाटकोटी कैंची से 1 किलोमीटर है ! वहा ठहरने और खाने का उचित प्रबंध है !
18 शिरगुल महाराज देवता मंदिर
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मन्दिर
शिरगुल महाराज

शिरगुल महाराज देवता जी का मंदिर हिमाचल के सिरमौर जिले में समुन्दर तल से 11965 फ़ीट की ऊंचाई पर चोटी में स्थित है ! इस देवता जी को ना केवल सिरमौर जिले के लोग पूजते है बल्कि शिमला , सोलन और यहाँ तक की उत्तराकंड में देहरादून के लोगो द्वारा भी पूजा जाता है ! ये देवता जे बहुत शक्तिशाली है ! इसलिए ही तो प्रदेश को देव भूमि कहा जाता है जब यहाँ इतने शक्तिशाली देवता जी के मंदिर स्थित है !

शिरगुल महाराज देवता जी का मंदिर बहुत ऊंचाई पर होने के कारण श्रद्धालु ट्रेकिंग, शांत वातावरण और बर्फ से ढकी ऊँची चोटियों का नज़ारा भी देख सकते है ! वर्तमान समय में यह स्थान पर्यटकों के पर्यटन स्थल के रूप में भी उभरा है ! यहाँ हर साल काफी मात्रा में पर्यटक पर्यटन करने भी आते है !

  • शिरगुल महाराज देवता जी के मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: मार्च से सितम्बर तक सर्दियों में काफी बर्फ़बारी के कारण रास्ता बंद हो जाता है !
  • मंदिर में कैसे पहुचा जाये-: शिमला से चौपाल के लिए बस ले लो दुरी लगभग 90 किलोमीटर है ! वहा से लोकल बस सराह के लिए लो दुरी लगभग 8 किलोमीटर है और सराह से टैक्सी ले सकते हो चूडधार के आधे रास्ते तक फिर पैदल जा सकते है ! यहाँ ठहरने और खाने का उचित प्रबंध है !
19 बमराड़ा नाग देवता मंदिर

ये नाग देवता जी का मंदिर हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के तेहसील कोटखाई में स्थित है ! इस मंदिर में बहुत से श्रद्धालु दर्शन करने आते है ! इस मंदिर का मुख्य आकर्षण यह है की अगर किसी को भी कुछ समस्या होती है जैसे की कोई भूत प्रेत या कोई जादू टोना आदि के संबंध में तो वह श्रद्धालु यहाँ इतवार और मगलवार को आ सकते है और अपनी समस्या का 100 % समाधान फ्री ऑफ़ कॉस्ट करवा सकते है! यह नाग देवता जी का मंदिर बहुत शक्तिशाली है ! यहाँ लोग दूर दूर से आकर अपनी समस्याओ का समाधान पाते है !

  • नाग देवता जी के मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: मार्च से दिसंबर तक कभी भी दर्शन कर सकते है ! समस्याओ का समाधान पाने के लिए इतवार और मगलवार 2 दिन रखे गए है !
  • मंदिर में कैसे पहुचा जाये-: शिमला लोकल बस स्टैंड से कोटखाई आने वाली किसी भी बस में आ सकते है और गुम्मा में उतर जाओ दुरी 60 किलोमीटर है ! गुम्मा से बमराड़ा के लिए टैक्सी ले सकते है दुरी लगभग 7 किलोमीटर है !
20 हाटु माता प्रसिद्ध मंदिर
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हाटु माता मंदिर

हाटु माता मंदिर हिमाचल के शिमला जिले के नारकंडा में समुन्दर तल से लगभग 9000 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है ! ये मंदिर चारो और से घने देवदार के पेड़ो के जगलो से घिरा हुआ है ! परन्तु वर्तमान समय में यह पर्यटन के लिए भी काफी प्रसिद्ध हुआ है यहाँ हजारो पर्यटक हर साल पर्यटन करने के लिए भी आते है और वह यहाँ आकर माता के दर्शन भी कर लेते है ! इस मंदिर में श्रद्धालु दूर दूर से माँ का आशीर्वाद लेने आते है !

  • हाटु माता मंदिर में दर्शन करने का सबसे अच्छा समय-: मार्च से सितम्बर !
  • मंदिर में कैसे पहुचा जाये-: शिमला से रामपुर वाली बस ले सकते है और नारकंडा में उतर जाओ दुरी 70 किलोमीटर है ! वहा से माता के मंदिर के लिए टैक्सी ले सकते है दुरी लगभग 6 किलोमीटर है !

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